IPL में Vivo Mobile की स्पॉन्सरशिप को लेकर विरोध हुआ तेज़

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IPL में Vivo Mobile  की स्पॉन्सरशिप को लेकर विरोध हुआ तेज़

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए चीनी प्रायोजकों के साथ बने रहने के बीसीसीआई के फैसले पर हैरानी जताते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने सोमवार को कहा कि लोगों को इस टी-20 क्रिकेट लीग का बहिष्कार करने पर विचार करना चाहिए। एसजेएम के सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने एक बयान में कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और आईपीएल की संचालन समिति ने चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों का अनादर किया है।

महाजन ने कहा कि जब देश अर्थव्यवस्था को चीनी प्रभुत्व से मुक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है, सरकार चीन को हमारे बाजारों से दूर रखने के लिए सभी प्रयास कर रही है, ऐसे में आईपीएल यह फैसला देश की जनभावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस क्रिकेट लीग का बहिष्कार करने पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने बीसीसीआई और आईपीएल के आयोजकों से चीनी कंपनियों के साथ बने रहने के फैसले पर विचार करने की सलाह देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और गरिमा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। आईपीएल संचालन समिति ने रविवार को टूर्नामेंट के प्रमुख प्रायोजकों के रूप में चीनी कंपनियों के साथ बने रहने का फैसला किया था। चीनी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी वीवो इस टी-20 लीग की टाइटल प्रायोजक है। वीवो ने पांच साल के इस करार के लिए बीसीसीआई को 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया है।