इंसान की नीयत का ही नाम है 'इंसानियत'- Vijay Bahdur Yadav

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इंसान की नीयत का ही नाम है 'इंसानियत'- Vijay Bahdur Yadav

जीवन के कठिन संघर्षों में भी उसका मन कर्तव्य-पथ से विचलित नहीं होता। जीवन में तमाम दुश्वारियों के होते लोगों को दूसरे की मदद करते हैं। ऐसे लोगों को समाज में एक अलग ही नजरिए से देखा जाता है। Lucknow Zila Panchayat Adhyaksh Vijay Bahadur Yadav ने एक मिसला कायम की है कोरोना काल में लोगो जब कोरोना महामारी से डर कर घरो से बहार नही निकलते थे

उस समय Vijay Bahadur yadav ने कोरोना महामारी को देखते हुए फुल सेफ्टी के साथ अपनी 12 टीम गठित करके उनको कोविद महामारी के सभी सेफ्टी का ख्याल रखते हुऐ लोगो के बीच में जानने का एलेन किया

और लखनऊ के बाघ मऊ गांव के गली गली में जा जा कर लोगो राशन बटाने का पहला काम किया और सभी लोग को से कहा की आपको किसी भी प्रकार से डरने की जरुरत नही है आप लोगो की सभी तरह से मद्दत की जाएँगी — विजय बहादुर यादव की 12 टीम में हर टीम में एक ऐसा आदमी जरूर रहता था

की जो लोगो की लोगो की समस्या को नोट करके अध्यक्ष जी के पास लाते थे जैसे — डॉक्टर की जरुरत : राशन की जरुरत : या कोइए इंसान जो किसी जगह पर फसगया हो — ऐसी बहुत सारी समस्या को नोट कर नेता जी को देते थे

नेता जी फ्री समय पर उन सभी समस्या को सुलझाने का काम किया करते थे ये काम लगातर 78 दिनों तक पुरे लखनऊ में चलाया गया — पर विजय बहादुर यादव जी ने कहिए भी किसी तरह से ये नही जाहिर किया की ये काम खुद कर रहे है या कोइए संगठन

Zila Panchayat Adhyaksh Vijay Bahadur Yadav :- जब ईश्वर हमें मनुष्य का जन्म दिया तब ही उसने हमें इस लायक बना दिया और इस जीवन को लोगों की मदद में लगाना चाहिए। मदद न करने के लिए बहाने तो लाखों मिल जाते हैं पर एक बार किसी की मदद कर जो सुकून मिलता है।

वह तमाम ऐशोआराम आपको नहीं दे सकते। उनके इस विचार का समर्थन उनका पूरा गांव करता है और प्रत्येक रविवार को गांव में जा कर लोगो से मिलते भी रहते है